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Friday, September 04, 2020

#8_सरकारी_बैंकों_का_होगा_निजीकरण

 

#8_सरकारी_बैंकों_का_होगा_निजीकरण 

◆ रह जायेंगे केवल 4 सरकारी बैंक

◆ नीति आयोग का ब्लूप्रिंट तैयार 

◆ 04-09-2020 || 04:27 pm


दिल्ली (#Yello_Tv न्यूज़) :  बैंकिंग सेक्टर में बीते तीन वर्षों में विलय और निजीकरण के चलते सरकारी बैंकों की संख्या 27 से 12 ही रह गई है, जिसे अब केंद्र सरकार अब चार तक ही सीमित करने की तैयारी में है. इसके लिए नीति आयोग ने ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया है. आयोग के ब्लूप्रिंट मुताबिक, देश में सिर्फ चार ही बैंक सरकारी रहेंगे.


🔷 इन बैंकों में भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक शामिल हैं. इनके अलावा आयोग ने तीन छोटे सरकारी बैंकों पंजाब ऐंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यूको बैंक का प्राथमिकता के आधार पर निजीकरण करने की सलाह दी है.


🔷फाइनेंसियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अन्य सरकारी बैंकों (बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सेंट्रल बैंक और इंडियन बैंक) का सरकार या तो 4 बचे हुए बैंकों में विलय करेगी या फिर उनमें हिस्सेदारी घटाएगी. इन बैंकों में केंद्र अपनी हिस्सेदारी को 26 फीसदी तक सीमित कर सकती है.


🔷 गौरतलब है कि पिछले दिनों निजीकरण के लिहाज से केंद्र सरकार ने स्ट्रेटेजिक और नॉन-स्ट्रेटेजिक सेक्टर्स तय किए थे. इसमें बैंकिंग को स्ट्रेटेजिक सेक्टर में रखा गया था. स्ट्रेटेजिक सेक्टर में अधिकतम 4 सरकारी संस्थाओं को ही इसमें मंजूरी दी जा सकती है. ऐसे में यह साफ है कि केंद्र सरकार 4 बैंकों पर ही अपना नियंत्रण रखेगी. नीति आयोग के इस स्ट्रेटेजिक सेक्टर को जल्दी ही कैबिनेट के सामने लाया जा सकता है.


🔸🔸 इंदिरा सरकार का बनाया कानून होगा निरस्त :


🔷 2015 से लेकर 2020 तक केंद्र सरकार ने बैड लोन के संकट से घिरे सरकारी बैंकों में 3.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया था. इसके बाद भी इन बैंकों का मार्केट कैपिटलाइजेशन तेजी से कम हुआ है. कोरोना काल में तो यह संकट और गहरा हुआ है. बैंकों के निजीकरण के लिए मोदी सरकार 1970 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के मकसद से बने कानून बैंकिंग कंपनीज ऐक्ट को निरस्त कर सकती है.


🔷 ऐसा करना सरकार के लिए मुश्किल भी नहीं होगा क्योंकि संसद के दोनों सदनों से वह बिल को पारित कराने में सक्षम है. बता दें कि इंदिरा गांधी ने 1970 में 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था और फिर 1980 में एकबार फिर से 6 निजी बैंक सरकारी क्षेत्र का हिस्सा बन गए थे. साभार....राँची लाइव

#झारखंड_में_21_सितंबर_से_खुल_सकते_है_स्कूल_


 #झारखंड_में_21_सितंबर_से_खुल_सकते_है_स्कूल_

◆ केंद्र की गाइडलाइन के आधार पर झारखंड शिक्षा परियोजना ने बनाया प्रस्ताव 

◆ 04-09-2020 || 01:58 pm


(#Yello_Tv न्यूज़) : झारखंड में लॉकडाउन की वजह से पिछले साढ़े पांच महीने से बंद स्कूलों की तस्वीर अब बदलने वाली है. 21 सितंबर से राज्य के सभी सरकारी 10वी और 12वी के स्कूल खुलेंगे. इन स्कूलों में 50 प्रतिशत तक टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ आएंगे. 21 सितंबर से 9 वी कक्षा से 12 वी कक्षा के छात्र भी अपने-अपने स्कूलों में अपनी मर्जी से जा सकेंगे. स्कूल आने के लिए ना तो किसी बच्चे को पाबंद किया जायेगा और ना ही किसी बच्चे को रोका जायेगा कि वो स्कूल न आये. 


◆ रोटेशन के आधार पर सभी शिक्षकों को एक दिन का गैप कर स्कूल आना होगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर झारखंड शिक्षा परियोजना ने यह प्रस्ताव बनाया है. परियोजना ने यह प्रस्ताव माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेजा है, जिस पर आज बैठक होनी है. इसके बाद इस प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जायेगा. इधर, प्रशासी पदाधिकारी जयंत मिश्रा ने बताया की केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार प्रस्ताव बनाया गया है.

Wednesday, September 02, 2020

#प्रधानमंत्री_नरेंद्र_मोदी_का_ट्विटर_एकाउंट_हुआ_हैक_


 #प्रधानमंत्री_नरेंद्र_मोदी_की_पर्सनल_वेबसाइट_का_टि्वटर_अकाउंट_हुआ_हैक

◆ हैकर ने बिटक्वॉइन की मांग की

◆ 03-09-2020 || 09:13 am

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल वेबसाइट का टि्वटर अकाउंट हैक हो गया है. हैकर ने कोविड-19 रिलीफ फंड के लिए डोनेशन में बिटक्वॉइन की मांग की. हालांकि तुरंत बाद में बोगस ट्वीट्स डिलीट कर दिए गए.


◆ प्रधानमंत्री की पर्सनल वेबसाइट के टि्वटर अकाउंट पर क्रिप्टो करेंसी से जुड़े ट्वीट किए गए. टि्वटर अकाउंट पर एक मैसेज में लिखा गया, मैं आप लोगों से अपील करता हूं कि कोविड-19 के लिए बनाए गए पीएम मोदी रिलीफ फंड में डोनेट करें।


◆ एक और ट्वीट में हैकर ने लिखा, यह अकाउंट जॉन विक (hckindia@tutanota.com) ने हैक कर लिया है. हमने पेटीएम मॉल हैक नहीं किया है. हालांकि अब ये बोगस ट्वीट डिलीट कर दिए गए हैं.


◆ बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल वेबसाइट का जो वेरिफाइड ट्विटर अकाउंट है, उसके 25 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हैं.


◆ हैकर ग्रुप का नाम जॉन विक है. 30 अगस्त को साइबर सिक्योरिटी फर्म साइबल ने दावा किया था कि जॉन विक ग्रुप का ही पेटीएम मॉल के डेटा चोरी में हाथ था. पेटीएम मॉल यूनीकॉर्न पेटीएम की ई-कॉमर्स कंपनी है.साइबल ने दावा किया था कि इस हैकर ग्रुप ने फिरौती की मांग की थी. हालांकि पीटीएम ने कहा कि जांच के दौरान डेटा में सेंधमारी जैसी कोई घटना नहीं हुई थी.


◆ जुलाई महीने में एक ऐसी ही घटना सामने आई थी जिसमें वॉरेन बफेट, जेफ बेजॉस, बराक ओबामा, जो बिडेन, बिल गेट्स और एलॉन मस्क समेत कई बड़ी हस्तियों के टि्वटर अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. इन लोगों के ट्विटर अकाउंट पर क्रिप्टो करेंसी से जुड़े पोस्ट किए गए थे. साभार..... झरखण्ड न्यूज़