उत्तराखंड पुलिस ने शुक्रवार को केदारनाथ में एक श्रद्धालु की मौत को लेकर कथित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में इंस्टाग्राम कंटेंट क्रिएटर नितिन सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नितिन सोनी, जो "द कर्ली पोएट" नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं, उनके करीब 8 लाख फॉलोअर्स हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार ने उनकी मूल पोस्ट हटवा दी।
यह एफआईआर शुक्रवार देर रात सोनप्रयाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(1)(b) और 353(3) के तहत दर्ज की गई। शिकायत पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी उपनिरीक्षक ने दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि नितिन सोनी ने अपने वीडियो के जरिए केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
शिकायत के अनुसार, नितिन सोनी ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो क्लिप साझा किए, जिनमें दावा किया गया कि गुजरात से आए एक परिवार के 70 वर्षीय बुजुर्ग की तबीयत खराब हो गई थी। वीडियो में उनका बेटा अपने पिता की जान बचाने के लिए मदद की गुहार लगाता नजर आ रहा है। आरोप लगाया गया कि हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने के बावजूद वीआईपी ड्यूटी के कारण उन्हें सेवा नहीं दी गई। वीडियो में यह भी दावा किया गया कि बेटे को अपने पिता को कंधे पर उठाकर ले जाना पड़ा, जबकि वीआईपी के लिए लगातार हेलीकॉप्टर सेवाएं जारी थीं।
हालांकि, पुलिस शिकायत में कहा गया है कि गुजरात निवासी दिलीपभाई मन्नू माली की केदारनाथ में तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने उन्हें तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव को हेलीकॉप्टर के माध्यम से गुप्तकाशी भेजा गया।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि नितिन सोनी ने अधिक व्यूज हासिल करने और सरकार व जिला प्रशासन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से भ्रामक जानकारी साझा की। पुलिस का कहना है कि ऐसे भ्रामक वीडियो और रील्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है, ताकि केदारनाथ यात्रा पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
इस बीच, नितिन सोनी ने एक नया वीडियो जारी कर दावा किया कि केदारनाथ से जुड़ी उनकी पोस्ट हटा दी गई है। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कहा कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान यह वीडियो सामने आया, जिसमें केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक और निराधार दावे किए गए थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से संबंधित किसी भी प्रकार की अफवाह, गलत सूचना या दुष्प्रचार पर तत्काल, सख्त और प्रभावी कार्रवाई की जाए। सीएमओ ने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा की पवित्रता, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्तराखंड की छवि को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। misinformation फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
#NitinSoni #uttrakhand #PushkarSinghDhami #instagram #FIR

0 comments:
Post a Comment