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Thursday, November 24, 2022

◆ ट्रेन में बदला गया रात में सोने का नियम // तुरंत चेक करें रेलवे की नई गाइडलाइंस //

◆ ट्रेन में बदला गया रात में सोने का नियम
◆ तुरंत चेक करें रेलवे की नई गाइडलाइंस

दिल्ली (( #yello_tv_न्यूज़ )) : भारतीय रेलवे ने ट्रेन में सफर करने के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है। ऐसे में आपके लिए जरूरी है कि आप बदले हुए नियमों के बारे में अपडेट रहें। नए नियम खासतौर पर रात में सफर करने वाले यात्रियों पर लागू होंगे। रेलवे बोर्ड को यात्रियों से कुछ लोगों द्वारा रात में मोबाइल पर तेज आवाज में बात करने या संगीत सुनने की शिकायत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।

👉🏿...... लिया गया ये फैसला

इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया है कि आपकी रात्रि यात्रा के दौरान रात 10 बजे के बाद किसी भी यात्री को मोबाइल पर तेज आवाज में बात करने की अनुमति नहीं होगी और न ही वह तेज आवाज में संगीत सुन सकेगा।




👉🏿...... यात्रियों की शिकायत मिलने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी यदि ट्रेन में सो रहे यात्रियों को कोई परेशानी होती है तो इसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी

👉🏿...... स्टाफ भी रात में करेगा शांति से काम

तेज आवाज की शिकायत के अलावा लोग रात में लाइट जलने की भी शिकायत करते हैं। नए नियम के मुताबिक रात के सफर में रात वाली लाइट को छोड़कर सभी लाइटें बंद करनी होंगी। ऐसी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, रात में चैकिंग स्टाफ, आरपीएफ, इलेक्ट्रीशियन, कैटरिंग स्टाफ व मेंटेनेंस स्टाफ शांति से काम करेगा।

👉🏿...... इससे पहले रेलवे ने हाल ही में ट्रेनों के अंदर लिनेन, कंबल और पर्दे उपलब्ध कराना फिर से शुरू करने के आदेश जारी किए थे। देश में बढ़ते COVID-19 मामलों को देखते हुए प्रतिबंध लगाए गए थे।

Wednesday, November 23, 2022

छत्तीसगढ़ में दल्ली राजहरा-रावघाट नई लाइन परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है

छत्तीसगढ़ में दल्ली राजहरा-रावघाट नई लाइन परियोजना पूर्णता की ओर बढ़ रही है:

👉🏿......  95 किमी में से 67.8 किमी ट्रैक लिंकिंग का काम हो चुका है
 
👉🏿..... छोटे और बड़े पुलों का 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। यह नई लाइन लौह अयस्क और इस्पात उद्योग को बढ़ावा देगी और क्षेत्र के आदिवासियों को लाभान्वित करेगी।

// विद्यालय का ताला तोड़कर हुई भयानक चोरी // चोर उठा ले गए विद्यालय का सामान


सिकन्दरपुर (( #yello_tv_न्यूज़ )) : बलिया, एन एक्सप्रेस:थाना क्षेत्र के कठौड़ा स्थित जंगली बाबा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का ताला तोड़ कर चोरों ने जरूरी कागजात व लाउडस्पीकर पर हाथ साफ कर दिया। इसकी जानकारी प्रधानाध्यापक को बुधवार को सुबह करीब नौ बजे हुई जब वे विद्यालय पहुँचे। घटना की लिखित सूचना थाने को दे दी गई है।


👉🏿....... मंगलवार की रात को किसी समय चोरों ने मौका पाकर विद्यालय के ऑफिस का ताला तोड़ दिया और उसमें रखी आलमारी को तोड़कर उसमें से बैंक पासबुक, एमडीएम रजिस्टर सहित कुछ जरूरी कागजात व उसमें रखे लाउडस्पीकर को उठा ले गए। सुबह विद्यालय पहुँचे शिक्षकों ने जब कमरे का ताला टूटा देखा तो उनके होश उड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो चोरों ने दूसरी आलमारी को भी तोड़ने का प्रयास किया था लेकिन सफलता नही मिल पाई।

// कामाख्या से चलकर आनंदविहार को जाने वाली 12505 नार्थईस्ट एक्स बक्सर स्टेशन से खुली //

आज 22/11/2022 से कामाख्या से चलकर आनंदविहार को जाने वाली 12505 नार्थईस्ट एक्स बक्सर स्टेशन से खुल चुकी है आज इस ट्रेन में S1 आगे से AC कोच को पीछे से लगाया गया है ये ट्रेन कल कामाख्या से खुली थी

बीजीएच के नामी किडनी रोग विशेषज्ञ का इस्तीफा मंजूर // नेफ्रोलॉजी विभाग बंद होने के कगार पर

बीजीएच के नामी किडनी रोग विशेषज्ञ का इस्तीफा मंजूर
◆ नेफ्रोलॉजी विभाग बंद होने के कगार पर

बोकारो (( #yello_tv_न्यूज़ )) : बोकारो जनरल अस्पताल (BGH) के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी (HOD) और बोकारो के प्रसिद्ध किडर्न रोग विशेषज्ञ, मुक्तेश्वर रजक ने बीजीएच को अलविदा कह दिया। उनका दिया हुआ इस्तीफा बोकारो इस्पात प्लांट (BSL प्रबंधन ने मंगलवार को मंजूर कर लिया है। डॉ मुक्तेश्वर के इस्तीफा देने की खबर से किडनी के मरीज खासतौर पर वैसे पेशेंट जो बीएसएल कर्मी या रिटायर्ड है काफी आहात है।


👉🏿.......  डॉक्टर रजक बीजीएच ही नहीं बल्कि इस जिले के एकमात्र DM in Nephrology है । पुरे झारखण्ड में 13 नेफ्रोलॉजि में सिर्फ छह DM in Nephrology है। डॉ रजक का बीजीएच छोड़कर जाना बीजीएच और बीएसएल के लिए बहुत -बड़ा नुक्सान है, जिसकी भरपाई कर पाना फिलहाल संभव नह दिख रहा है। डॉ रजक ने 6 अगस्त 2022 को अपना इस्तीफा प्रबंधन को सौंपा था।


👉🏿....... बताया जा रहा है कि बीएसएल के आला अधिकारियों ने डॉ रजक को काफी रोकने की कोशिश की पर वह नहीं माने। इस्तीफा में नौकरी छोड़ने का कारण में डॉक्टर रजक ने 'पर्सनल रीज़न' लिखा है। पर उनको जानने वाले कह रहे है कि डॉ रजक किसी चीज़ से काफी दुखी होकर इतना बड़ा फैसला लिया है। फिलहाल डॉ रजक सेल के पालिसी के अनुसार इस माह के 30 तारीख तक सेवा देंगे।


👉🏿...….  डॉ रजक को बीएसएल प्रबंधन की और से सेपेरेशन आर्डर मिल चूका है। इस लेवल के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर को संभाल कर नहीं रख पाने के लिए लोग फिर बीएसएल प्रबंधन को कोसेंगे। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का बीजीएच छोड़ कर जाने का सबसे बड़ा खामियाजा बीएसएल कर्मी और बीएसएल से रिटायर्ड लोगो को उठाना पड़ेगा। जहां बीएसएल या रिटायर्ड कर्मी सिर्फ मेडिकल कार्ड दिखा कर इलाज करा लेते थे, अब बाहर में प्राइवेट क्लिनिक या निजी अस्पतालों में 800-1000 रुपया फीस देना होगा।


👉🏿...... डॉ रजक के जाने के बाद बीजीएच के नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट पर खासा असर पड़ेगा। नेफ्रॉलजी विभाग करीब-करीब बंद हो जायेगा। हर माह करीब 800 बीएसएल कर्मी नेफ्रो डिपार्टमेंट में अपना इलाज कराते है। अगर बीएसएसल प्रबंधन जल्द ही नेफ्रोलॉजिस्ट बहाल नहीं करता है तो उसके कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों को अब बाहर के अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ेगा।

👉🏿....... बीजीएच में सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की घनघोर कमी है। बुलाने के बावजूद भी उस लेवल के डॉक्टर बीजीएच नहीं आ रहे है। ऐसे वक़्त में डॉ मुक्तेश्वर का इस्तीफा देना प्रबंधन के घोर संवेदनहीनता को दर्शाता है। कहने वाले कह रहे है कि डॉ मुक्तेश्वर का बीएसएल प्रबंधन को इस्तीफा देना कोई हलकी बात नहीं है। इसका असर लम्बे समय तक रहेगा।


👉🏿....... बता दें, पिछले डेढ़ साल में डॉ मुक्तेश्वर दूसरे नामी डॉक्टर है, जिन्होंने बीजीएच को इस्तीफा सौंप कर अलविदा कहा है। इसके पहले बीजीएच के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड, डॉ सतीश कुमार ने इसी तरह इस्तीफा दिया था। डॉ रजक के जाने के बाद, बीजीएच में अब सिर्फ तीन सुपर स्पेशलिस्ट बचे है। जिनमे न्यूरो डिपार्टमेंट के हेड, न्यूरोसर्जन, डॉ आनंद कुमार, बर्न डिपार्टमेंट के हेड, प्लास्टिक एंड बर्न सर्जन, डॉ अनिन्दा मंडल और पेडिएट्रिक विभाग के डॉ निलय शामिल है। अगर प्रबंधन संजीदा नहीं हुआ तो इन सुपर स्पेसियालिस्टो को भी रोक पाना ज्यादा दिनों तक संभव नहीं है।

 👉🏿....... बताया जाता है कि योग्य डॉक्टरों की योग्यता को नज़रअंदाज़ करके पदोन्नती न करना भी डॉक्टरों के छोड़ कर जाने का एक सबसे बड़ा कारण है। अच्छों पर सितम अपनों पर करम वाला इंटरनल पॉलिटिक्स भी हावी है। डॉ रजक अगले माह से कोआपरेटिव कॉलोनी के आरएनबी अस्पताल संभालेंगे और वेलमार्क में बैठेंगे।