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Tuesday, June 02, 2020

मारा गया कुख्यात अपराधी कुणाल सिंह || आपसी गैंगवार में हुई हत्या

#पलामू_राँची ~  03-06-2020 || 09:30 am

#मारा_गया_कुख्यात_अपराधी_35_वर्षीय_कुणाल_सिंह
#आपसीं_गैंगवार_के_चढ़ा_भेंट || गाड़ी में ही गोली मारकर हुई हत्या


पलामू: घटन आज सुबह करीब 7:30 बजे की है जब कुख्यात अपराधी कुणाल सिंह अपनी गाड़ी से किसी काम से कहीं जा रहे थे तभी अपराधी अपनी सफेद रंग की सफारी गाड़ी से विपरीत दिशा से आते हुए कुणाल सिंह की गाड़ी में पहले तो जोरदार टक्कर मारी और फिर वहीं पर हाथ लगा कर बैठे कुछ अज्ञात अपराधियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर गाड़ी के अंदर ही उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। घटना पलामू के डालटनगंज स्थित अघोर आश्रम के पास की है

35 वर्षीय कुणाल सिंह की मौत मौकेपर ही हो गई ।

पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

सूचना मिलने के बाद एसपी अजय लिंडा, डीएसपी संदीप गुप्ता समेत थाना प्रभारी मौके पर पहुंच कर जांच कर रहे है। हालांकी पहली नजर में यह घटना  तो गैंगवार में हुई हत्या का लगता है।

 ◆ सूत्रों के अनुसार कुणाल सिंह की हत्या गैंगवार में हुई है। कुख्यात डब्लू सिंह का करीबी था। मृतक कुणाल खुद सुपारी किलर था। उस पर बॉबी खान की हत्या का भी आरोप था। बताया जाता है कि कुणाल सिंह अपराध की दुनिया में तेजी से आगे बढ़ा और चर्चित आजसू पार्टी के नेता साजिद अहमद सिद्दीकी उर्फ बॉबी खान की हत्या में उसकी संलिप्तता सामने आयी। जिसके बाद कुणाल ने अपने साथियों के साथ पलामू के प्रतिष्ठित व्यवसायी और राजद के वरिष्ठ नेता ज्ञानचंद पांडेय के पोते अभिनव पांडेय का बड़े ही नाटकीय ढंग से अपहरण कर लिया था।


◆ इन घटनाओं के बाद कुणाल सिंह को रांची स्थित आर्मी कैंप से गिरफ्तार किया गया था। कुणाल सिंह काफी शातिर अपराधी बताया जाता था। गौरतलब है कि आर्मी कैंप से ही निकलकर उसने आजसू पार्टी के नेता बॉबी खान की हत्या की थी और फिर बड़े आराम से कैंप में वापस आ गया था। पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था।

जमानत पर बाहर था कुणाल सिंह

◆ झारखंड-बिहार में कुख्यात आपराधिक गिरोह के सरगना और एक्स आर्मी मैन कुणाल किशोर सिंह समेत चार अपराधियों को आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनायी गयी थी। आर्म्स एक्ट के छह साल पुराने मामले में व्यवहार न्यायालय की निचली अदालत ने इन्हें दोषी करार देते हुए 15 मार्च 2018 को सात-सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनायी थी।कोर्ट ने सभी को पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। अर्थदंड की राशि नहीं देने पर सभी को तीन-तीन माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होती। इसी मामले में कुणाल फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर था।