◆ भू माफियाओं से तंग होकर पीड़ित आदिवासी परिवार ने धरना देने और आत्मदाह करने को लेकर सौंपा आवेदन
बोकारो (( #yello_tv_न्यूज़_)) : भू माफियाओं से तंग आकर एक आदिवासी परिवार जिला प्रशासन से लेकर झारखंड सरकार तक न्याय की गुहार लगाकर थक चुका है पर उसे अभी तक कोई भी उम्मीद की किरण नजर नही आई। जिस कारण सालों से जुझ रहे भु माफियाओं की दबंगई और जिला प्रशासन की अनदेखी से तंग होकर मंगलवार को बुजुर्ग पिडित परिवार ने उचित जांच-पड़ताल कर कारवाई करने तथा उपायुक्त कार्यालय समीप दो दिवसीय धरना देने तथा आत्मदाह करने को लेकर ज्ञापन सौपा।
➡️ मौके पर पुर्व मंत्री जलेश्वर महतो ने भी पिडित परिवार को न्याय दिलाने को लेकर आला अधिकारियों से बात की तथा अपने स्तर से हर संभव मदद करने का भी आश्वासन दिया। श्री महतो ने बातचीत के दौरान कहा की जिला प्रशासन ने पिडित परिवार को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है तथा उचित जांच-पड़ताल कर कारवाई करने की बात कही है।
➡️ बताते चलें की पिडित परिवार ने बातचीत के दौरान कहा की मेरी रैयती संम्पति गाँव डुमरदाहा बिजुलिया थाना चास (मु०) मौजा नं०- 70 खाता नं०-160 प्लॉट नं0 954,955,956 कुल रकवा 16 एकड़ 41 डी० जमीन है जो मेरे एवं मेरे पूर्वजों के द्वारा करीबन 7 एकड साल 2015 तक बिक्री कर चुके है जिसका खारिज दाखिल अंचल कार्यालय में दर्ज है। इसके बावजूद भू-माफिया बच्चु प्रसाद गोप पिता स्व0 रामेश्वर गोप ने 15 एकड़ का जाली कागजात बनाकर मेरी रैयती जमीन को श्रीमति पोलनी सिंह को 11 जुन 2018 को एक एकड 80 डी० बेच दिया। मुझे जब पता चला कि मेरी रैयती जमीन जाली कागजात के बल पर बेचे जा रहे है तो मैंने 13 जुन 2018 को अंचल अधिकारी चास को इस पर कारवाई करने का आवेदन दिया पर कोई कारवाई नहीं किया गया तथा उल्टे पोलनी सिंह के नाम से दाखिल खारिज कर दिया गया।
➡️ जब अपनी उक्त जमीन पर ईटा बालू सिमेंट गिराकर घर बनाना चाहा पर मेरे जमीन पर पहुंचने से पहले ही भूमाफिया द्वारा मेरा दस बोरी सीमेंट चुरा लिया गया। मैने सीमेंट के अभाव में बुनियाद खोदना तथा झाड़ी साफ करना शुरू किया तो उन लोगो ने आकर गाली गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देते हुए कहने लगे कि जमीन का जाली कागजात बनाने में लाखों रुपये खर्च हुआ है। जब तक उस रकम को तुम नहीं दोगे तब तक तुम्हे तुम्हारी जमीन पर घर बनाने नहीं देगें।
➡️ उक्त घटना की लिखित शिकायत भी दिया परन्तु आज तक इन लोगो के उपर कोई भी कारवाई नहीं किया गया। मुझे गरीब का घर बनाने का काम भी रुकवा दिया गया है। इस तरह मुझ बेसहारा अनपढ गरीब आदिवासी पर जाली कागजात के बल पर फर्जी मुकदमा 420, 144 तथा 107 का मुकदमा कर मुझे परेशान करके मेरा जमीन लुटने की साजिश की जा रही है। बावजुद मुझे अब तक न्याय नहीं मिला। यह आवेदन देते हुए कहना है कि आज से 15 दिनों के अंदर भुमाफिया की गिरफतारी और जाली कागजात तथा दोहरा जमाबंदी को रदद नहीं किया गया तो हम बाध्य होकर दोनों पति पत्नी 02 फरवरी से दो दिवसीय कार्यालय के समक्ष धरना देने के लिए बाध्य होगे तथा 08 फरवरी को कार्यालय के समक्ष दोनों पति पत्नी आत्मदाह करेगें। जिसकी जवाबदेही जिला प्रशासन एवं भूमाफिया की होगी।


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