#लोहरदग्गा ~
◆ चलते-चलते गिरा दैनिक मजदूर - मौके पर ही मौत
◆ भूख से मरने की भी हो रही चर्चा
◆ भूख से मरने की भी हो रही चर्चा
● एक मार्मिक खबर लोहदग्गा से आई है, मामला लोहरदगा जिले के कुडू थाना अंतर्गत कुडू बाईपास सड़क में चलते-चलते गिर कर दैनिक मजदूर की मौत का है । मृतक की पहचान कुडू थाना क्षेत्र के हाता टोली गांव निवासी स्व. नारायण सिंह के पुत्र राम सिंह (48 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतक के घर में कोई नहीं था। 25 साल पहले विवाह के बाद ही राम सिंह की पत्नी उसे छोड़ कर चली गई थी। उसका कोई नहीं है। मृतक दैनिक मजदूर था, वो अकेला रहता था । न तो उसके पास राशन कार्ड है और न ही उसे आवास योजना और शौचालय योजना का लाभ मिल पाया था। इस मामले में लापरवाही से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। गरीबों को राशन देने को लेकर सरकार के निर्देश के बाद भी इस प्रकार की उदासीनता समझ से परे है।
● उसके घर की हालत काफी दयनीय है। कच्चा घर लगभग पूरी तरह से गिरा पड़ा है और बमुश्किल एक कमरा बचा हुआ है। इसी में राम सिंह बड़ी मुश्किल से रह रहा था। वह कई दिनों से चावल के लिए स्थानीय वार्ड पार्षद चिंता देवी के पास भी गया था। जहां वार्ड पार्षद ने कुडू पंचायत की मुखिया सुषमा देवी से कई बार बात की थी। इसके बाद भी राम को चावल नहीं मिला था।
● इस घटना के बाद प्रशासनिक तंत्र में कोहराम मच गया है। प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पाेस्टमार्टम के लिए लोहरदगा सदर अस्पताल भेज दिया है। जहां पर मेडिकल टीम वीडियो रिर्काडिंग के साथ शव का पोस्टमार्टम करेगी। प्रशासन द्वारा मृतक के घर में लगे ताले को भी खाेलने की कोशिश नहीं की गई है। गांव के लोगों ने बैठक कर मृतक के अंतिम संस्कार को लेकर सहयोग करने का निर्णय लिया है।
◆ राम सिंह के घर में ताला लगा हुआ है। ताला खोलने को लेकर प्रशासन द्वारा कोई पहल नहीं की गई है। जिससे की यह स्पष्ट हो सके की राम सिंह के घर में अनाज था या नहीं। मौत का कारण चाहे जो भी हो, परंतु राशन कार्ड न बन पाना, आवास योजना का लाभ न मिलना, शौचालय योजना का लाभ न मिलना प्रशासनिक और सरकार की विफलता की तरफ साफ़ संकेत दे रहा है ।


