◆ पूरे 121 पुलिसकर्मियों को मिलेगा सम्मान
राँची (Yello Tv न्यूज़) : इस बार 121 पुलिस कर्मियों में से झारखंड के चार पुलिस अधिकारियों को भी राष्ट्रपति सम्मान दिया जायेगा। गृह मंत्रालय की ओर से पुलिसकर्मियों के नामों की सूची जारी की गयी है. मंत्रालय की ओर से ‘union home ministry’s medal for excellencein investigation’ सम्मान दिया जायेगा. इनमें से दो वर्तमान में राज्य में पदस्थापित हैं. वहीं दो झारखंड कैडर के आइपीएस अधिकारी हैं, जो सीबीआइ में पदस्थापित हैं.
◆ पुलिस अधिकारियों को यह सम्मान 15 अगस्त को राष्ट्रपति की ओर से दिया जायेगा. जिसमें झारखंड से डीएसपी नीरज कुमार, सब इंस्पेक्टर पुष्पराज कुमार के नाम शामिल हैं. वहीं झारखंड कैडर के सीबीआइ में पदस्थापित इंस्पेक्टर परवेज आलम और ज्योर्तिमोई मांझी को सम्मानित किया जायेगा. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी साल 2020 के लिए इन पुलिस अधिकारियों का चयन किया गया है. अपराध की जांच में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए राज्य के इन आइपीएस अधिकारियों का नाम चयनित किया गया है.
👉🏿 121 पुलिसकर्मियों को किया जायेगा सम्मानित
◆ पुलिसिया जांच में बेहतर प्रदर्शन के लिए देश भर से 121 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जायेगा. इनमें जिन पुलिसकर्मियों का चयन किया गया है, उनमें 15 सीबीआइ के हैं. दस मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से, आठ उत्तर प्रदेश से और सात केरल और पश्चिम बंगाल से हैं. इस सूची में सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है. जिन्होंने जांच में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. यह सम्मान पुलिसकर्मियों की हौसला अफजाई और क्राइम जांच में बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया जाता है.
👉🏿 लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से गैंगरेप मामले में डीएसपी नीरज कुमार ने किया बेहतर अनुसंधान
◆ रांची के कांके थाना क्षेत्र स्थित लॉ यूनिवर्सिटी की छात्रा से बीते वर्ष 26 नवंबर 2019 को गैंगरेप हुआ था. इस मामले में कोर्ट ने बीते 2 मार्च को सभी 11 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. सभी पर 50-50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया था. यह रकम पीड़िता को देने का आदेश दिया गया था. मामले में एक आरोपी नाबालिग था. पिछले साल 26 नवंबर को दुष्कर्म की घटना हुई थी. इसके 97 दिन बाद दोषियों को सजा सुनायी गयी थी. गौरतलब है कि रांची के तत्कालीन ग्रामीण एसपी ऋषभ झा के नेतृत्व में रांची हेडक्वार्टर -1 डीएसपी ने मामले का बेहतर तरीके से अनुसंधान का दोषियों को कम समय में सजा दिलायी थी.
◆ बीटेक छात्रा से दुष्कर्म के मामले में सीबीआइ इंस्पेक्टर परवेज आलम ने किया था बेहतर अनुसंधान रांची के सदर थाना क्षेत्र के बूटी बस्ती में 15 दिसंबर 2016 की रात बीटेक छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले में सीबीआइ ने मुख्य आरोपी राहुल राज (23) उर्फ रोडे राज उर्फ राज श्रीवास्तव उर्फ आर्यन को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी तो सुलझा दी थी.
◆ अभियुक्त राहुल राज उर्फ रॉकी राज उर्फ अंकित उर्फ राज श्रीवास्तव उर्फ आर्यन को अदालत ने बीते वर्ष 21 दिसंबर 2019 को फांसी की सजा सुनायी थी. अदालत ने इसे रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस माना था. सीबीआइ की विशेष अदालत ने राहुल को अधिकतम सजा सुनायी थी. तीन साल पांच दिन बाद अदालत का यह फैसला आया था.
आरोपियों के खिलाफ समय पर आरोपपत्र समर्पित किया था एसआइ पुष्पराज ने
◆ पिछले वर्ष 26 दिसंबर 2019 को खूंटी थाना क्षेत्र के तितिर टोली के पास सड़क किनारे एक महिला का अधजला शव बरामद हुआ था. खूंटी एसपी आशुतोष शेखर द्वारा गठित एसआइटी में अनुसंधानकर्ता एसआइ पुष्प राज कुमार के द्वारा अनुसंधान के क्रम में जली महिला के शव की पहचान की गयी और त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी की गयी. इसके अलावा निर्धारित समय में एसआइ पुष्पराज कुमार के द्वारा सभी आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र समर्पित किया गया है।



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