#भारत_रत्न और देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज दूसरी पुण्यतिथि है। 2018 में आज के ही दिन यानी 16 अगस्त को अटल बिहारी वाजपेयी इस दुनिया को विदा कह गए थे। उनके निधन की खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। वह भारतीय राजनीति के उन चंद नेताओं में से हैं जो कभी दलगत राजनीति के बंधन में नहीं बंधे और उन्हें हमेशा ही सभी पार्टियों से भरपूर प्यार व स्नेह मिला। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर में भी वह सबसे लोकप्रिय नेता रहे हैं। 80 और 90 के दशक में पैदा या बड़े हुए हर शख्स के मनपसंद नेता की लिस्ट में अटल जी का नाम सबसे ऊपर रहा है। आज हम आपको उनकी जिंदगी के बारे में कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जो बहुत कम लोगों को पता हैं....
◆ ऐसा नहीं है कि शादी से जुड़ा सवाल अटल जी से ज्यादा नहीं पूछा गया। लेकिन जब भी पूछा जाता वह कभी परेशान नहीं होते थे बल्कि बड़े ही शांत और संयमित तरीके से उन सवालों का जवाब देते थे। कई बार तो वो कहते कि, ‘व्यस्तता के कारण ऐसा नहीं हो पाया।’ बाद में ये कहकर मुस्कुरा देते थे। उनके करीबी लोग तो ये भी कहते हैं कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लिए आजीवन अविवाहित रहने का निर्णय लिया था।
◆ अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव यूपी के बटेश्वर में था, हालांकि उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से उन्होंने पढ़ाई की। अगर उनके पूरे जीवन पर नजर डालें तो वो राजनीति, कविता और सादगी के बीच बीता। हालांकि लोगों के जेहन में ये बात भी आती है कि कभी शादी क्यों नहीं की, जिसका सही-सही जवाब और ठोस कारण किसी को नहीं पता। हालांकि इस बारे में वह खुद सदन में विपक्ष के हमलों के बीच अपने अविवाहित होने के बारे में बड़ी ही साफगोई के साथ ये बता चुके हैं, ‘मैं अविवाहित जरूर हूं, लेकिन कुंवारा नहीं'
◆ बहुत से ऐसे लोग हैं जो ये बात तो जानते हैं कि अटल जी ने शादी नहीं की थी। लेकिन क्या आप जानते हैं उनकी एक बेटी भी थी। उनका नाम नमिता भट्टाचार्य है जो अटल जी की दत्तक पुत्री हैं। अटल जी जीते जी जिस तरह हर किसी के लिए प्रेरणास्रोत रहे वहीं उनकी मौत के बाद हुए कर्मकांड ने भी एक बड़ी मिसाल पेश की। बता दें कि अटल जी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य ने ही दी।
◆ अटल जी के बारे में कहा जाता है कि कॉलेज के दिनों में उनकी एक महिला मित्र राजकुमारी कौल हुआ करती थीं, जो अपने आखिरी समय तक अटल जी के साथ रही थीं। दोनों ग्वालियर के विक्टोरिय



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